आयुर्वेदिक तरीके से स्वस्थ वजन घटाना: सौम्य, स्थिर और स्थायी

Healthy Weight Loss the Ayurvedic Way: Kind, Steady and Lasting

आयुर्वेदिक तरीके से स्वस्थ वज़न घटाएँ: सहज, स्थिर और स्थायी

अंग्रेज़ी में

हमारा वज़न ज़्यादा क्यों बढ़ता है?

आयुर्वेद अतिरिक्त वज़न को मुख्य रूप से कफ का असंतुलन मानता है। अक्सर पेट की अग्नि तेज़ होती है (भूख लगती है), पर शरीर के ऊतकों की अग्नि कमज़ोर होती है, इसलिए अतिरिक्त भोजन जलने की बजाय चर्बी के रूप में जमा हो जाता है। आम कारण:

  • शरीर की ज़रूरत से ज़्यादा खाना, और बार-बार स्नैक्स
  • बहुत ज़्यादा बैठे रहना और कम चलना-फिरना
  • ठंडे पेय, तला भोजन, मिठाई और भारी डेयरी
  • तनाव और भावनात्मक रूप से खाना
  • दिन में सोना
  • हार्मोन, गर्भावस्था, कुछ दवाइयाँ और आनुवंशिकता

1. कफ कम करने वाला भोजन

  • कम करें: तला भोजन, मिठाई, ठंडे पेय, आइसक्रीम, चीज़ और भारी दही
  • ज़्यादा लें: सब्ज़ियाँ, सलाद (बिना क्रीमी ड्रेसिंग), दालें, फलियाँ और मोटे अनाज
  • गर्म मसाले इस्तेमाल करें: अदरक, काली मिर्च, जीरा, दालचीनी, हल्दी
  • ठंडे पेय की जगह गर्म पानी या अदरक, पुदीना या दालचीनी की चाय पिएँ

2. सही समय पर खाएँ

  • दोपहर का भोजन सबसे बड़ा रखें, जब पाचन सबसे तेज़ होता है।
  • नाश्ता बहुत हल्का रखें, जैसे गर्म हर्बल चाय या फल।
  • रात का खाना हल्का और जल्दी लें।
  • स्नैक्स न खाएँ भोजन के बीच। ज़रूरी हो तो गाजर, खीरा या कुछ किशमिश लें।

3. रोज़ शरीर को चलाएँ

  • रोज़ कम से कम 30 मिनट तेज़ चाल से टहलें।
  • तैराकी, साइकिलिंग या हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जोड़ें। मांसपेशियाँ चर्बी से ज़्यादा ऊर्जा जलाती हैं।
  • व्यायाम के बाद ठंडे पेय और स्नैक्स न लें। इसकी जगह गर्म हर्बल चाय पिएँ।
  • योग: सूर्य नमस्कार, त्रिकोणासन, ताड़ासन, भुजंगासन और उष्ट्रासन।
अगर आपने लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है, या आप 40 से ज़्यादा उम्र के हैं और कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो तेज़ व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें।

4. एक सहायक पेय

भोजन के बीच कुछ खाने का मन हो, तो 1 चम्मच शहद और कुछ बूँद नींबू वाला गर्म पानी धीरे-धीरे पिएँ। आयुर्वेद कहता है कि शहद में "लेखन" (खुरचने) का गुण है जो कफ कम करता है। डायबिटीज़ वाले शहद न लें।

5. रोज़ की आदतें

  • दिन में न सोएँ।
  • टीवी और स्क्रीन कम, गतिविधि ज़्यादा।
  • धीरे-धीरे खाएँ और अच्छी तरह चबाएँ, चाहें तो हल्के संगीत के साथ।
  • रात को त्रिफला पाचन को साफ़ रखता है।
  • शराब और धूम्रपान कम करें।

6. खुद के प्रति दयालु रहें

आयुर्वेद सिखाता है कि भोजन और प्रेम गहराई से जुड़े हैं। जब हम अकेला, तनावग्रस्त या दुखी महसूस करते हैं, तो अक्सर भूख नहीं, सुकून के लिए खाते हैं।

  • खुद को आँकना और दूसरों से तुलना करना बंद करें।
  • खुद को प्यार और दया से देखें, और सराहें कि आपका शरीर आपके लिए क्या-क्या करता है।
  • खाने से पहले पूछें: "क्या मुझे सच में भूख है, या मैं ऊबा हुआ, तनाव में या दुखी हूँ?"

जड़ी-बूटियों के बारे में

आयुर्वेद स्वस्थ चयापचय के लिए त्रिफला गुग्गुलु, पुनर्नवा और त्रिकटु जैसे फ़ॉर्मूलों का उपयोग करता है। इन्हें केवल चिकित्सक की सलाह से लें।

धीमे और लगातार चलने वाले की जीत

जल्दी बहुत सारा वज़न घटाने की कोशिश न करें। क्रैश डाइट शायद ही टिकती हैं। छोटे, लगातार बदलाव स्थायी नतीजे देते हैं।

डॉक्टर को दिखाएँ अगर

वज़न बिना किसी साफ़ कारण के अचानक बढ़े, या साथ में थकान, सूजन, अनियमित पीरियड्स, ज़्यादा प्यास या खर्राटे हों। थायरॉइड, PCOS, डायबिटीज़ या दवाइयाँ कारण हो सकती हैं।

आज यह करके देखें

एक ठंडे पेय की जगह गर्म अदरक की चाय लें, और दोपहर के भोजन के बाद 15 मिनट तेज़ चाल से टहलें।

त्रिफला, त्रिकटु, दालचीनी और शुद्ध शहद पाएँ: www.wildforaherbs.com

नोट: ये सुझाव सामान्य स्वास्थ्य के लिए हैं और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हैं।

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