दस्त (डायरिया): हल्के आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ और एक चीज़ जिसे आपको भूलना नहीं चाहिए

Loose Motions (Diarrhoea): Gentle Ayurvedic Foods and the One Thing You Must Not Forget

दस्त (डायरिया): सौम्य आयुर्वेदिक खाद्य और एक बात जो आपको कभी नहीं भूलनी चाहिए

अंग्रेजी में

दस्त क्यों होते हैं?

आयुर्वेद कहता है कि दस्त तब होते हैं जब पाचन अग्नि (अग्नि) कमज़ोर हो जाती है, अक्सर पित्त की अधिकता के कारण। भोजन ठीक से अवशोषित नहीं होता और पतले मल के रूप में बाहर निकल जाता है। आम कारण:

  • दूषित भोजन या पानी
  • अपच या गलत भोजन-मेल
  • मसालेदार, तैलीय या बासी भोजन
  • घबराहट और तनाव

कदम 1: पानी की कमी से बचें (सबसे ज़रूरी)

दस्त का सबसे बड़ा खतरा है शरीर से बहुत ज़्यादा पानी और नमक निकल जाना। दिन भर तरल पदार्थ घूँट-घूँट पीते रहें।

  • दवा की दुकान से मिलने वाला ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) सबसे अच्छा है।
  • घर का बना ORS: 1 लीटर साफ़ उबले और ठंडे पानी में 6 सपाट चम्मच चीनी और ½ सपाट चम्मच नमक मिलाएँ। अच्छी तरह घोलें और बार-बार पिएँ।
  • ये भी अच्छे हैं: नारियल पानी, पतली छाछ, चावल का माँड (कांजी) और दाल का पानी।

कदम 2: पित्त शांत करें, हल्का खाएँ

मसालेदार, तला, खट्टा और खमीर वाला भोजन न लें। नरम, सादा भोजन चुनें।

4 सौम्य भोजन उपाय

1. घी के साथ पका सेब

1 या 2 छिले सेब नरम होने तक पकाएँ। 1 चम्मच घी, चुटकी भर इलायची और चुटकी भर जायफल डालें। धीरे-धीरे खाएँ।

2. घी के साथ केला

1 या 2 पके केले काटकर 1 चम्मच गुनगुना घी, चुटकी भर इलायची और जायफल डालें। केले में पोटैशियम भरपूर होता है और यह मल को बाँधने में मदद करता है।

3. दही-चावल

एक कप नरम पके चावल + 1 बड़ा चम्मच घी + 3 से 4 बड़े चम्मच ताज़ा दही मिलाएँ। एक पारंपरिक, आरामदायक भोजन।

4. अदरक वाली छाछ

ताज़ा दही और पानी बराबर मात्रा में ज़रा-से कसे अदरक के साथ फेंटें। धीरे-धीरे पिएँ।

रसोई की आसान जड़ी-बूटियाँ

  • सौंफ़ और सोंठ: ½ चम्मच सौंफ़ पाउडर + ½ चम्मच सोंठ, दिन में 2 या 3 बार चबाएँ।
  • सोंठ और मिश्री: ½ चम्मच सोंठ 1 चम्मच मिश्री के साथ, गुनगुने पानी से।
  • दही के साथ ईसबगोल: सोते समय एक कप ताज़े दही में 1 चम्मच ईसबगोल (साइलियम हस्क) मिलाकर लेने से पतला मल बँधता है।

शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए

  • स्तनपान जारी रखें। बंद न करें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार थोड़ा-थोड़ा, बार-बार ORS दें।
  • थोड़े बड़े शिशुओं को थोड़ा नरम पका सेब दे सकते हैं।
  • स्तनपान कराने वाली माताएँ सादा, ताज़ा, कम मसाले वाला भोजन लें।
1 साल से छोटे शिशुओं को कभी शहद न दें। शिशुओं में दस्त हो तो हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ अगर

  • मल में खून या आँव हो
  • तेज़ बुखार या पेट में तेज़ दर्द हो
  • बड़ों में दस्त 2 दिन से ज़्यादा, या बच्चों में 1 दिन से ज़्यादा रहें
  • पानी की कमी के लक्षण हों: बहुत कम पेशाब, मुँह सूखना, चक्कर, धँसी आँखें, या सुस्त, ढीला पड़ा शिशु
  • पीड़ित शिशु, बुज़ुर्ग, गर्भवती हो या किसी और बीमारी से ग्रस्त हो
  • बार-बार उल्टी हो और तरल पदार्थ पेट में न रुकें

आज यह करके देखें

घर के फ़र्स्ट-एड किट में कुछ ORS पैकेट रखें, साथ में ईसबगोल, सोंठ और सौंफ़।

सोंठ, सौंफ़, ईसबगोल और शुद्ध घी पाएँ: www.wildforaherbs.com

नोट: ये सुझाव सामान्य स्वास्थ्य के लिए हैं और चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं।

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