टेंडिनाइटिस: दर्द और अधिक इस्तेमाल से प्रभावित टेंडन की आयुर्वेदिक देखभाल
अंग्रेज़ी में
टेंडिनाइटिस क्या है?
टेंडन मज़बूत डोरियाँ होती हैं जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ती हैं। जब किसी टेंडन में सूजन आ जाती है, तो इसे टेंडिनाइटिस कहते हैं। इससे दर्द, छूने पर पीड़ा और अकड़न होती है, अक्सर कंधे, कोहनी, कलाई, घुटने या एड़ी के पास।
इसके कारण हो सकते हैं:
- खेल जैसे दौड़ना, कूदना, टेनिस या क्रिकेट
- घंटों तक एक ही हरकत दोहराना, जैसे टाइप करना, माउस चलाना, फ़ोन पर स्क्रॉल करना या रसोई और फ़ैक्ट्री का काम
आयुर्वेद गर्मी और सूजन को पित्त, और अकड़न व दर्द को वात से जोड़ता है।
नई और हल्की तकलीफ़ के लिए
1. ठंडी सिकाई
दिन में कुछ बार 15 मिनट के लिए कपड़े में लपेटा हुआ आइस पैक या जमी हुई मटर का पैकेट लगाएँ। इससे सूजन कम होती है।
2. ठंडक देने वाला चंदन-हल्दी का लेप
चंदन पाउडर और हल्दी बराबर मात्रा में ठंडे पानी के साथ मिलाकर दर्द वाली जगह पर लगाएँ। सादा हल्दी और नमक का लेप भी असरदार है।
3. टेंडन को आराम दें
जिस हरकत से दर्द हुआ है, उससे टेंडन को आराम दें। आराम का मतलब पूरी तरह स्थिर रहना नहीं, बल्कि दर्द देने वाली हरकत से बचना है।
लंबे समय से (क्रॉनिक) हो रहे दर्द के लिए
4. हल्की गर्माहट
शुरुआती गर्मी और सूजन वाली अवस्था बीत जाने के बाद, दर्द और अकड़न कम करने के लिए गुनगुना, नम तौलिया रखें।
5. तेल से मालिश
गुनगुने महानारायण तेल से उस जगह की हल्के हाथों से मालिश करें, फिर उसे गुनगुने पानी में भिगोएँ।
6. हल्की स्ट्रेचिंग
धीमी और सावधानी से की गई स्ट्रेचिंग रक्त संचार बेहतर करती है और ठीक होने में मदद करती है। स्ट्रेचिंग से तेज़ दर्द हो तो रुक जाएँ।
दोबारा होने से बचाव
- खेल से पहले वार्म-अप करें और बाद में शरीर को धीरे-धीरे ठंडा होने दें।
- काम के दौरान हर 30 से 45 मिनट में छोटा ब्रेक लें और हाथों, कलाइयों व कंधों को स्ट्रेच करें।
- अपना कीबोर्ड, माउस और स्क्रीन आरामदायक ऊँचाई पर रखें।
- व्यायाम धीरे-धीरे बढ़ाएँ, एकदम से नहीं।
- चलने और दौड़ने के लिए अच्छे, पैरों को सहारा देने वाले जूते पहनें।
जड़ी-बूटियों के बारे में
आयुर्वेदिक चिकित्सक कैशोर गुग्गुलु, मंजिष्ठा, मुस्ता और गुडूची जैसी सूजन-रोधी जड़ी-बूटियाँ सुझा सकते हैं। इन्हें केवल योग्य चिकित्सक की सलाह से लें।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
- दर्द बहुत तेज़ हो या आप जोड़ को हिला न पाएँ
- जगह लाल, गर्म और सूजी हुई हो और साथ में बुखार भी हो (संक्रमण हो सकता है)
- आपको अचानक कुछ चटकने का एहसास हुआ हो (टेंडन फट सकता है, ख़ासकर एड़ी में)
- उँगलियों में सुन्नपन या झनझनाहट हो (कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है)
- 1 से 2 हफ़्ते तक घरेलू देखभाल के बाद भी सुधार न हो
आज यह करके देखें
अगर आप कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो हर 45 मिनट में कलाइयों और कंधों को स्ट्रेच करने का रिमाइंडर लगाएँ।
महानारायण तेल, चंदन पाउडर और शुद्ध हल्दी यहाँ पाएँ: www.wildforaherbs.com
0 टिप्पणी