यीस्ट इन्फ़ेक्शन: लंबे समय तक राहत के लिए आयुर्वेदिक आहार और जीवनशैली के सुझाव
अंग्रेज़ी में
यीस्ट इन्फ़ेक्शन क्या है?
यीस्ट (फ़ंगल) इन्फ़ेक्शन तब होता है जब शरीर में मौजूद कैंडिडा नाम का प्राकृतिक यीस्ट बहुत बढ़ जाता है। यह योनि, मुँह (सफ़ेद धब्बे, जिन्हें थ्रश कहते हैं), या स्तनों के नीचे और जाँघों के जोड़ जैसी त्वचा की सिलवटों को प्रभावित कर सकता है।
योनि के यीस्ट इन्फ़ेक्शन के आम लक्षण:
- खुजली और जलन
- गाढ़ा, सफ़ेद स्राव (दही जैसा)
- लालिमा और दुखन
आयुर्वेद यीस्ट इन्फ़ेक्शन को पित्त और कफ का मिला-जुला असंतुलन मानता है: पित्त गर्मी, जलन और लालिमा लाता है, और कफ गाढ़ा, चिपचिपा स्राव।
कदम 1: पहले भोजन सुधारें
आयुर्वेद कहता है कि इलाज थाली से शुरू होता है। ऐसा भोजन चुनें जो पित्त को शांत करे और कफ न बढ़ाए।
इन्हें कम करें
- चीनी, मिठाई और मीठे पेय
- खमीर वाली ब्रेड, पाव, पिज़्ज़ा और बेकरी की चीज़ें
- खमीर वाले खाद्य जैसे इडली-डोसा का घोल, सिरका और शराब
- बहुत मसालेदार, तला और तैलीय भोजन
- भारी, ठंडे डेयरी उत्पाद जैसे आइसक्रीम और चीज़
इन्हें ज़्यादा लें
- ताज़ी पकी सब्ज़ियाँ, ख़ासकर करेला, लौकी और टिंडा जैसी कड़वी सब्ज़ियाँ
- हल्के अनाज जैसे जौ, बाजरा और पुराने चावल
- मूँग दाल और सादी खिचड़ी
- खाने में हल्दी, धनिया और जीरा
- दिन भर भरपूर पानी
कदम 2: रोज़ की स्वच्छता की आदतें
- ढीले, सूती अंडरवियर पहनें और रोज़ बदलें।
- गीले कपड़े और पसीने वाले जिम के कपड़े जल्दी बदलें।
- जगह को साफ़ और सूखा रखें। सादे पानी से हल्के से धोएँ।
- गुप्तांगों पर खुशबूदार साबुन, स्प्रे, पाउडर और बबल बाथ न लगाएँ।
- डूश न करें (योनि के अंदर धोना)। इससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है और इन्फ़ेक्शन बढ़ सकता है।
- आगे से पीछे की ओर पोंछें।
कदम 3: जड़ी-बूटियों का सहारा
आयुर्वेदिक चिकित्सक हल्दी, मुलेठी और गुड़मार (शार्दूनिका) का मिश्रण दे सकते हैं। इन्हें केवल चिकित्सक की सलाह से लें।
मुलेठी से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। गुड़मार ब्लड शुगर घटा सकता है, इसलिए डायबिटीज़ की दवा लेने वाले पहले सलाह लें।
रोज़ के खाने में थोड़ी हल्दी डालना एक आसान, सुरक्षित आदत है।
अगर बार-बार हो
बार-बार यीस्ट इन्फ़ेक्शन का संबंध बढ़ी ब्लड शुगर, बार-बार एंटीबायोटिक, हार्मोनल बदलाव या कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता से हो सकता है। ब्लड शुगर जाँच कराना अच्छा है।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
- ये लक्षण पहली बार हुए हों, ताकि पक्का पता चले कि क्या है
- आप गर्भवती हों
- साल में 4 या ज़्यादा बार इन्फ़ेक्शन हो
- आपको डायबिटीज़ हो या रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो
- स्राव स्लेटी, हरा या पीला हो, या बदबू आए (कोई दूसरा इन्फ़ेक्शन हो सकता है)
- बुखार, पेट के निचले हिस्से में दर्द, घाव या छाले हों
- इलाज के कुछ दिनों में सुधार न हो
आज यह करके देखें
एक मीठे नाश्ते की जगह मुट्ठी भर भुने चने या ताज़ा फल लें, और सूती अंडरवियर अपनाएँ।
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